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ITR कर चुके हैं फाइल, तो ऐसे चेक करें स्टेटस, ये रहा पूरा प्रोसेस

How to check income tax return status here is the full process



यदि आप इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल नहीं कर पाए हैं तो जल्दी करें। 31 जुलाई को बढ़ाई गई समय सीमा (31 अगस्त) भी अब खत्म होने को है। यदि आपने यह काम चार्टर्ड अकाउंटेंट को सौंपा हो तो भी यह सुनिश्चत कर लें कि आपका आईटीआर फाइल हो चुका या नहीं। अक्सर लोग चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को यह जिम्मेदारी देकर भूल जाते हैं। आइए हम आपको बताते हैं निश्चिंत होने से पहले आपको क्या करना है।``
वित्त वर्ष 2017-18 के लिए 3 करोड़ से अधिक रिटर्न अब तक फाइल हो चुके हैं। ऐसे में हो सकता है कि आपने भी अपना आयकर रिटर्न भर लिया हो। अगर आपने रिटर्न फाइल कर लिया है तो क्या आपने फॉर्म का स्टेटस चेक किया है? अगर नहीं किया है तो हम आपको आईटीआर फॉर्म का ऑनलाइन स्टेटस चेक करने का तरीका बता रहा है।

इस तरह ऑनलाइन स्टेटस चेक करें

1. आईटीआर फॉर्म का स्टेटस चेक करने के लिए सबसे पहले http:://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home को खोलें।

2. होमपेज पर एकदम बांई ओर सर्विस टैब के नीचे आईटीआर स्टेट्स चेक करने का टैब होगा।

3. आईटीआर स्टेट्स ऑप्शन पर क्लिक करें। क्लिक करते ही कंप्यूटर पर एक नया पेज खुलेगा।

4. इस नए पेज पर पैन नंबर, आईटीआर एक्नोलेजमेंट नंबर और कैप्चा या ओटीपी का विकल्प होता है।

5. सभी जानकारी सही से भरें और सबमिट टैब पर क्लिक करें। आपकी स्क्रीन पर रिटर्न का स्टेटस दिखाई देगा।

6. रिटर्न सबमिटेड और वेरीफाई दिखाई दे तो समझ लें की रिटर्न की प्रक्रिया पूरी हो गई है।

7. अगर रिफंड बनता है आपको जल्द ही यह मिल जाएगा।

``आप Income Tax Department की वेबसाइट पर बड़ी आसानी से कुछ ही स्टेप्स में अपने Income Tax Refund Status online चेक कर सकते हैं। इसके दो तरीके हैं।
पहला तरीका
NSDL website के इस वेब एड्रेस (https://tin.tin.nsdl.com/oltas/refundstatuslogin.html) पर ​​जाएं।
अपना Permanent Account Number (PAN) भरें।
उस financial year or the assessment year को चुनें, जिसके लिए आप अपना income tax refund status चेक करना चाहते हैं।
जैसे ही ये दोनों information भरकर आप इंटर करते हैं ये आपको refund status के पेज पर ले जाता है।
दूसरा तरीका
आप अपने income tax e-filing account पर जाइए। अपने PAN number और password की मदद से इनकम टैक्स ईफाइलिंग पोर्टल पर login करिए।
जो पेज आपके सामने आता है उस पर मौजूद ‘’my account’’ tab पर जाइए। अब इस पेज पर मौजूद ‘’refund status’’ पर क्लिक
करिए। इसमें आपके refund status का year-wise details online मिल जाएगा।``

स्टेटस चेक करने का दूसरा तरीका :


1. आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर लॉगइन करें। विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण करें।

2. पंजीकरण के लिए आपका पैन, नाम, जन्म तिथि और निवास स्थिति भरनी होगी।

आईटीआर फाइल करते समय वही ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दें जो आपके ई-फाइलिंग अकाउंट में रजिस्टर्ड है। ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर आपका ही हो, नाकि आपके चार्टर्ड अकाउंटेंट का।

3. इसके बाद लॉग इन करने पर आपको डैशबोर्ड में व्यू रिटर्न फॉर्म्स का ऑप्शन दिखेगा।

4. व्यू रिटर्न फॉर्म्स पर क्लिक कर असेसमेंट का साल सलेक्ट करें और फिर सबमिट कर दें।

``यदि आप अपना आईटीआर खुद फाइल नहीं कर सकते हैं तो इसके लिए किसी भरोसेमंद संस्था या व्यक्ति को चुनें। यह सुनिश्चित कर लें कि यदि चार्टर्ड अकाउंटेंट ने आपका ई-फाइलिंग अकाउंट बनाया हो तो उसका पासवर्ड आपके पास हो।``

5. सबमिट करते हैं तो स्क्रीन पर आईटीआर वेरीफाइड हो गया है या आईटीआर भर चुका दिखाई देगा।


टैक्स रिफंड स्टेटस भी ऑनलाइन जांचें

ऑनलाइन टैक्स रिफंड का स्टेटस चेक करने के लिए आपको आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाना होगा। इस वेबसाइट के एकदम बांई ओर चेक रिफंड डिस्पैच स्टेटस का टैब दिखाई देगा। इस टैब पर क्लिक करने पर एक नया पेज खुलेगा। उस पेज में आपको अपना पैन नंबर, असेसमेंट ईयर और कैप्चा कोड कोड डालकर सबमिट करना होगा। इसके बाद पॉप-अप में एक मैसेज दिखाई देगा, जिसमें आपके रिफंड का मोड ऑफ पेमेंट, रेफरेंस नंबर, स्टेटस और किस रास्ते से रिफंड मिला है या मिलेगा, उसका ब्योरा होगा।

स्टेटस चेक करना क्यों है जरूरी?

टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि सभी आयकर दाता को रिटर्न भरने के बाद अपना फॉर्म का स्टेटस चेक करना चाहिए। इसकी वजह है कि आयकर दाता ने आईटीआर तो फाइल किया है लेकिन वह फॉर्म विभाग के डाटा बेस में रजिस्टर्ड हुआ है कि नहीं इसकी जानकारी स्टेटस चेक करने से ही मिलेगी। अगर, स्टेटस चेक करने पर फॉर्म नहीं दिख रहा है तो आप सीए या विभाग से समय रहते संपर्क कर सकते हैं। रिटर्न की प्रक्रिया पूरी होने पर ही आपको रिफंड मिलेगा।

सामान्य रूप से इन चार स्थितियों में Income Tax Refund Claim की गुंजाइश बनती है।


1. आपका टीडीएस ज्यादा कट गया हो-  इसमें आपकी सेलरी से जुड़ा टीडीएस हो सकता है। bank deposits या bonds, dividends पर मिले ब्याज से जुड़ा टीडीएस भी हो सकता है। 

2. ज्यादा एडवांस टैक्स जमा किया हो- एडवांस टैक्स अनुमान के अाधार पर जमा किया जाता है ऐसे में कई बार अगर आमदनी बाद के महीनों में घट जाती है तो टैक्स वापस पाने की स्थिति बन जाती है।

3. टैक्स सेविंग के उपाय का सबूत नहीं दिया हो – ऐसा हो सकता है कि आप समय रहते किसी tax-saving investment का प्रमाण जमा करना भूल गए हों। जिसकी वजह से आपके employer ने ज्यादा टैक्स काट लिया हो।

4. विदेश में टैक्स जमा हो- कोई आमदनी जिस पर आप किसी दूसरे देश में टैक्स दे चुके हों और भारत के साथ उस देश का double-taxation न होने का करार हो।


Alert
पिछले साल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की फिशिंग साइट बनाकर साइबर ठगों ने देश में 50 से ज्यादा लोगों को लाखों का चूना लगाया था, जिसके बाद गिरोह का भंडाफोड़ हुआ और दिल्ली से कई आरोपी धर गए थे. लेकिन अब एक बार फिर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की आड़ में ठगी का गिरोह सक्रिय हो रहा है, इस बार मैसेज के जरिये ठगी को अंजाम देने की कोशिश है।
दरअसल देश में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 से जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है। नौकरीपेशा लोगों से लेकर कारोबारी तक आयकर विभाग के निर्देश अनुसार इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर रहे हैं. लोगों को आयकर विभाग की ओर से मैसेज भी आ रहे हैं. इस बीच ठगी का ये गिरोह एक बार फिर तेजी से सक्रिय हो गया है।
लोगों को आयकर विभाग के नाम पर फर्जी मैसेज भेजे जा रहे हैं. और जो उनके झांसे में आ जा रहे हैं वो ठगी के शिकार हो जाते हैं. गिरोह की तरफ से लोगों को मोबाइल पर मैसेज भेजे जा रहे हैं कि

आपका इनकम टैक्ट रिफंड अमाउंट आपके बैंक में जल्द डाल दिया जाएगा। अकाउंट वैरीफाई करने के नाम पर मैसेज के अंत में एक URL होता है जिस पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है, इसपर क्लिक करने के बाद बैंक डिटेल अपडेट करने को कहा जाता है, और फिर जो इनके झांसे में आ जाते हैं उसे लाखों को चूना लग जाता है.
हकीकत तो ये है कि आयकर विभाग कभी भी किसी को मैसेज भेजकर अकाउंट वैरीफाई या फिर अकाउंट अपडेट करने के लिए नहीं कहता है. ऐसे में अगर इस तरह का कोई मैसेज आपके पास आता है तो उसे बिल्कुल क्लिक ना करें. इसकी शिकायत साइबर क्राइम डिपार्टमेंट से करें। ठगी को अंजाम देने वाला गिरोह पहले तो गलत तरीके से लोगों के कुछ डिटेल हासिल करता है और फिर इस तरह का मैसेज भेजकर बैंक खाते को खाली कर देता है।
बता दें, इससे पहले आरबीआई के नाम पर चूना लगाने का मामला भी सामने आया था. मैसेज में लिखकर आता था कि अपना विवरण दीजिए और इनामी रकम घर ले जाइए. ऐसे लुभावने एसएमएस या ईमेल भेजकर लोगों को ठगने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
सबसे ज्यादा आज के दौर में फोन, एसएमएस या ईमेल के जरिये ऐसी धोखाधड़ी को अंजाम दिया जाता है। ठग अक्सर इनाम की राशि पाने के लिए प्रोसेसिंग फीस का भुगतान करने की बात कहता है. इनके बहकावे में आकर कई लोग करोड़ों के इनाम की चाहत में हजारों रुपये प्रोसेसिंग फीस के रूप में इनके बताए खाते में जमा करा देते हैं और फिर पछताते हैं।

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